देश की बढ़ती आबादी और धार्मिक कट्टरता से लाचार सरकार

देश की बढ़ती आबादी और धार्मिक कट्टरता से लाचार सरकार

भारत, विश्व में बढ़ती आबादी में दूसरे स्थान पर आता है . आज जहाँ विश्व की सम्पूर्ण आबादी सात अरब से ज्यादा है, वहीं सिर्फ भारत की आबादी लगभग 1 अरब 35 करोड़ के आसपास है . विश्व में बढ़ती आबादी में सबसे पहला नाम चीन का आता है . लेकिन भारत की तत्काल स्थिति देख कर लगता है कि 2030 तक बढ़ती आबादी में पहला नाम भारत का होगा . बढ़ती आबादी किसी भी देश के लिए शुभ संकेत नहीं होती है . भारत में आबादी का मुख्य कारण है कि यहाँ जन्म दर , मृत्यु दर से चार गुना अधिक है . वर्तमान स्थिति देखते हुए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आने वाला समय देश के लिए समस्यों से घिरा हुआ होगा .

भारत में परिवार नियोजन के लिए कई साधन है लेकिन जागरूकता की कमी है . बढ़ती आबादी का दूसरा कारण लिंग भेद भी है , जो रूढ़िवादी परम्परा की उपज है . आज भी कई अनगिनत दम्पत्ति तबतक बच्चा पैदा करते है , जब तक लड़के का जन्म ना हो. बढ़ती आबादी देश में शिक्षा , रोजगार , आवास , प्रदुषण इत्यादि समस्याओं को बढ़ाती है और देश की आर्थिक स्तर को कमजोर करती है , जिससे युवाओं का आने वाला समय बस समस्याओं से घिरा हुआ ही मिलगा, उनका भविष्य अंधकारमय होगा . बढ़ती आबादी के बाद भारत की दूसरी बड़ी समस्या धार्मिक कट्टरता है , जिसमे गाहे-बगाहे प्रत्येक समुदाय के लोग शिकार होते है . धर्म हमें कभी भी किसी दूसरे धर्म से भेदभाव या कट्टरता करना नहीं सिखाता है . धर्म तो सदैव एक-साथ, एकजुट रहना सिखाता है. भारत देश में विभिन्न धर्म के लोग एक साथ रहते और विकास करते है . लेकिन कुछ एक समुदाय इनकी अज्ञानता का लाभ उठाकर इनमे मतभेद के बीज बोता  है. ये मतभेद इतनी ज्यादा भड़काई जाती है , जिससे की लोग एक दूसरे का कत्ल तक करने से परहेज़ नहीं करते है. ये धार्मिक कट्टरता सिर्फ आम आदमी की उपज नहीं होती है , कुछ तो ये रूढ़िवादी परम्परा की देन होती और सरकारी नुमाईनदें की सोची-समझी राजनीती होती है .

इन सबमे किसी न किसी बड़े दल का भी हाथ होता है .कहा जा सकता है कि जब-जब सरकार को अपनी वोट बैंक की अपील करनी होती है तो अलग-अलग धर्म के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश की जाती है ताकि सभी समुदाय अपने-अपने खेमे में बंट जाए, जिसका लाभ सरकार उठा सके .  सरकार चाहे तो सबको एक साथ एकजुट कर सकती है , थोड़े कानून और नियम में तब्दीली से ही . हर समुदाय की अपनी आस्था , अपनी परम्परा होती है . सभी को अपने-अपने समुदाय के आस्था-परम्परा के साथ जीने की आज़ादी हो , कोई किसी के धर्म-आस्था को ठेस ना पहुंचाए . तो आने वाले समय में सरकार धर्म के अनुयायी के कारण लाचार नहीं, मजबूत दिखेगी…साथ ही देश विकास करेगा. बढ़ती आबादी और धार्मिक कट्टरता दोनों ही देश की गंभीर समस्या है … जिसपर सरकार को चिंतित होक सटीक कार्य करना चाहिए. इसी लिये भारत को अब सजग हो जन चाहिये. चीन ने बढती आबादी का खतरा १९७० के वक़्त  हि समझ लिया था. ओर तब से आज तक चीन ने बढती लोकसंख्या पर काफी मात्रा मी हल निकाल लिया है.